expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

सोमवार, 6 अप्रैल 2015

दुनिया : उल्टी या सीधी ?

मेरे निजस्वरूप आत्मन : 

अपने सिर को उठाते हुए अपनी पीठ की तरफ ले जाने की कोशिश कीजिये, इस स्थिति में आप ऊपर की ओर देखने लगेंगे, कुछ देर में ही आप असहज होने लगेंगे और एक या दो मिनिट में आपको दर्द भी अनुभव होगा ( अगर आप गर्दन, रीढ़, कमर की किसी समस्या से पीड़ित हैं तो कतई ऐंसा ना करें ), अब अपने सिर को सामान्य अवस्था में ले आइये और आगे पढ़िये :-

हम कुछ ही देर में इस अजीबो-गरीब दशा से परेशान हो गये ; जरा कल्पना तो कीजिये किसी ऐंसे शख्स की जिसका सिर पूरा उल्टा घूम के उसकी पीठ से चिपका हो, इसके साथ-साथ शरीर में कई जगह टेढ़ापन हो, हाथ-पैर अक्रिय हों । वो भी कोई थोड़े समय से नहीं पूरे 39 साल से, मैं बात कर रहा हूँ मोंटेसांतो, ब्राज़ील के रहने वाले  ' क्लाउडियो वियेरा डी ओलिवियेरा  ' उर्फ़ 'क्रिस्टो' की , क्लाउडियो का जब जन्म हुआ तो उनके परिजनों को बताया गया कि वो अधिकतम 24 घंटे ही जीवित रहेंगे ।


दरअसल क्लाउडियो 'आर्थ्रोग्रायिपोसिस मल्टीप्लेक्स कोन्जेनाइटा (Arthrogryposis multiplex congenita )' नाम की जन्मजात व्याधि के गंभीर शिकार हैं, इस बीमारी में जोड़ विकृत हो जाते हैं, उनके जोड़ इतने अधिक विकृत हैं कि वह व्हीलचेयर का प्रयोग भी नहीं कर सकते लेकिन इस सब के बावजूद क्लाउडियो ने जिंदगी की चुनौतियों को स्वीकार किया । वो बाकायदा योग्यताधारी लेखापाल हैं । प्रकृति ने उनको जो शरीर दिया है वो उसी के साथ प्रसन्न हैं, वो टी.व्ही देखते हैं, किताबें पढ़ते हैं, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, मुँह में पेन दबाकर और जीभ से कम्प्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं ।

जरा सोचिये कि हम, जिनके पास मनुष्य जन्म के रूप में प्रकृति का दिया हुआ अनमोल उपहार है वो इस तोहफ़े की उपेक्षा करने में लगे हुए हैं । क्या हुआ अगर कोई अनचाहा दुःख आ गया तो ? क्या हुआ अगर कुछ मनचाहा नहीं हुआ तो ? इस संसार में ऐंसा कोई नहीं जिसे कोई कष्ट ना हो ! डरते-भागते क्यों हैं ? योद्धा बनकर पूरी ताकत से मुक़ाबला कीजिये, ऐंसी कोई रात नहीं जिसकी सुबह ना हो ।

क्लाउडियो के जिंदगी को जीने के जज़्बे की दुनिया भर में तारीफ़ हो रही है, उनको संस्थानों में प्रेरक वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाता है । क्लाउडियो कहते हैं कि " मेरे लिए यह दुनिया उल्टी नहीं है बल्कि उल्टी दुनिया ही मेरे लिए सीधी है" वो आगे कहते हैं :- " हम सब यहाँ बहुत दिन नहीं रहेंगे लेकिन हमारे पास जितना भी समय है हमें उसका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए " , कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया है । प्रिय क्लाउडियो, मैं आपको सैल्यूट करता हूँ , आप दीर्घायु हों और दुनिया को रोशन करते रहें । यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं आपको फॉलो कर रहा हूँ ।

यह उनकी कुछ तस्वीरें हैं जिनमें से एक में वो स्वयं, एक में प्रेरक व्याख्यान देते हुए, एक में अपनी मित्र के साथ और एक में अपने परिवार के साथ हैं,....


कृपया मेरे प्रणाम स्वीकार करें !


2 टिप्‍पणियां:

  1. मेरे लिए यह दुनिया उल्टी नहीं है बल्कि उल्टी दुनिया ही मेरे लिए सीधी है" वो आगे कहते हैं :- " हम सब यहाँ बहुत दिन नहीं रहेंगे लेकिन हमारे पास जितना भी समय है हमें उसका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए "
    . .अति उत्तम सकारात्मक विचार है ...
    क्लाउडियो को सैल्यूट...

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी आदरणीया , निश्चय ही हमें जीवन के प्रति सकारात्मक रूख ही अपनाना चाहिए |

      हटाएं